उसने कहा
जीवन संघर्ष है
मुझे लगा
जीवन प्रेम है
और हम
निकल पड़े
अपनी अपनी डगर
उसे क्या मिला
मुझे नहीं मालूम
मुझे मिली आँखें
तुम
और यह पंख ...!
***
जीवन संघर्ष है
मुझे लगा
जीवन प्रेम है
और हम
निकल पड़े
अपनी अपनी डगर
उसे क्या मिला
मुझे नहीं मालूम
मुझे मिली आँखें
तुम
और यह पंख ...!
***
यूं कहें कि जीवन ऊपर से संघर्ष है , नीचे से प्रेम है ...तो कैसा होगा ?
जवाब देंहटाएंऔर मेरे अनुसार तो आंखे, पंख और तुम में से सबसे जरूरी "तुम" ही है ! "तुम" का होना पंखॊं का ही होना तो हुआ, न ?