मंगलवार, 7 सितम्बर 2010
लगेगा कितना समय
जो बनाना हो तुर्की को राष्ट्र-भाषा
"दस बरस कम से कम"
कहा विशेषज्ञों ने
"तो समझ लो !
बीत चुके यह दस बरस -
तुर्की इस देश की राष्ट्र-भाषा है
ठीक इसी पल से ..."
पर अफ़सोस ! ओ हिंदी !
बीते इतने बरस
न मिला तुम्हें कोई कमाल पाशा ..!
शायद हम दौड़ते रहे सिर के बल
पैरों से सोचते रहे
और बनी रही तू
चिर-उपेक्षित परित्यक्ता सी
अपने ही देश में
ओ हिंदी ! मेरी मातृ-भाषा
आखिर क्या है खोट तुझमें
कि हम मनाते हैं हिंदी दिवस
जैसे पितृ-पक्ष में कोई श्राद्ध !! श्याम जुनेजा
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