मछली जल में जन्म लेती है
जल से बाहर मर जाती है
आदमी झूठ में जन्म लेता है
झूठ से बाहर मर जाता है
पर कविता
सच में जन्मती है
सच के लिए धडकती है
शायद इसीलिए
आदमी और कविता में
फासले.. और फासले..
और और फासले बचे रहते हैं !
जल से बाहर मर जाती है
आदमी झूठ में जन्म लेता है
झूठ से बाहर मर जाता है
पर कविता
सच में जन्मती है
सच के लिए धडकती है
शायद इसीलिए
आदमी और कविता में
फासले.. और फासले..
और और फासले बचे रहते हैं !
Shabdo me sachai
जवाब देंहटाएंचंद शब्दों में गहरी सच्चाई .... वाह!
जवाब देंहटाएंचंद शब्दों में गहरी सच्चाई .... वाह!
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