शुक्रवार, 3 सितम्बर 2010
क्योंकि योजना का आकार प्रकार तो कुछ भी हो सकता है, लेकिन, उसे पूरा करने का काम तो छोटे छोटे लोग ही करते हैं ना! इसीलिए मुझे ॠद्धि सिद्धि का देवता कहा गया है.. और कार्य योजना भी जब बनाओ तो मुदित-मन से बनाना ..यही मेरा मोदक-प्रिय होने का रहस्य है
.. अच्छा तो इस ब्लॉग के लिए तुमने कोई योजना बनाई है ?
.. अभी तो नहीं देव ..
.. तो चलो सबसे पहले यही काम करो ...कब, क्यों, कैसे, कहाँ.. सारे "क" वाले प्रश्न ले आओ ..जहां मुश्किल आये तो मुझसे पूछना ..भला !
जैसी आज्ञा देव...
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