सोमवार, 2 दिसंबर 2013

कवि होना

वाह!
धडाक से कहा दिल ने 

हाँ !
इसे कहते हैं ..कवि होना !

जीवन की इस
 घनीभूत असहजता में से 
सहजता को तलाश लेना 

जटिलतम से 
सरलतम को चीन्ह लेना 

कवि होना 
प्रश्न-चिन्ह होना है 

कवि होना 
जैसे किसी सेल में 
बिजली का होना 

जैसे किसी देह में
 धडकनों का होना है 

(बलदेव वंशी को सुनकर )

बुधवार, 22 सितम्बर 2010

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