सोमवार, 2 दिसंबर 2013

बचपन



छुटपन में पतंगें उड़ाने का गजब शौक था
आज बूढों बूढों को कम्पनियां उड़ाते देखता हूँ
और मुझे बचपन याद आ जाता है

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें